गुरुवार, 8 मार्च 2012

जिसे पाया नहीं जाता, उसे खोया नहीं जाता. (ग़ज़ल)

ग़ज़ल
आलम खुरशीद
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हमेशा दिल में रहता है कभी गोया नहीं जाता
जिसे पाया नहीं जाता , उसे खोया नहीं जाता

कुछ ऐसे ज़ख्म हैं जिनको सभी शादाब रखते हैं
कुछ ऐसे दाग़ हैं जिन को कभी धोया नहीं जाता

अजब सी गूँज उठती है दरो-दीवार से हर दम
ये उजड़े ख़्वाब का घर है यहाँ सोया नहीं जाता

बहुत हँसने की आदत का यही अंजाम होता है
कि हम रोना भी चाहें तो कभी रोया नहीं जाता

ज़रा सोचें ! ये दुनिया किस क़दर बेरंग हो जाती
अगर आँखों में कोई ख़्वाब ही बोया नहीं जाता




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